अमित शाह मिशन 2019 के मद्देनजर तकरीबन 100 दिनों के राष्ट्रव्यापी दौरे पर निकल गए हैं. इस कड़ी में त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल के बाद शुक्रवार से वह तीन दिनों के केरल दौरे पर जा रहे हैं. दरअसल 2019 के लोकसभा चुनाव के मद्देनजर बीजेपी उन राज्यों पर अधिक फोकस करना चाहती है जहां पिछली बार उसका प्रदर्शन कमजोर रहा था. इस कड़ी में केरल, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना जैसे राज्य हैं. अमित शाह इन राज्यों में बीजेपी को मजबूत करने की कोशिशें कर रहे हैं.
गुजरात कांग्रेस के अध्यक्ष भरत सिंह सोलंकी ने गुरुवार (एक जून) को गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने और गोहत्या पर पूरे देश में प्रतिबंध लगाने की मांग की। सोलंकी ने गुजरात के राजकोट में गोरक्षा से जुड़े एक कार्यक्रम में कहा, “हम केंद्र की भाजपा सरकार से पूर देश में गोहत्या पर रोक लगाने की मांग करते हैं बल्कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किये जाने की भी मांग करते हैं ताकि उसका रक्षा हो सके।” कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता गुजरात में गौरक्षा के लिए कई प्रदर्शन और कार्यक्रम कर रही है।
दिल्ली विधानसभा में बुधवार को एक शर्मनाक वाकया सामने आया। आम आदमी पार्टी के विधायकों ने दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा के साथ हाथापाई की। विधायकों ने मिश्रा को घेरकर उनका गला दबाने की कोशिश की। फुटेज में साफ दिख रहा है कि दर्जन भर विधायक कपिल मिश्रा को पकड़ कर पीट रहे हैं। हंगामे के बाद कपिल मिश्रा को मार्शलों ने सदन से बाहर किया।
केरल में आयोजित कथित 'बीफ फ़ेस्टिवल' पर छिड़े विवाद के बाद कांग्रेस अपनी छवि को लेकर चिंतित दिख रही है.
कांग्रेस के नेता भी मान रहे हैं कि ये घटना पार्टी की छवि को प्रभावित कर सकती है.
कांग्रेस नेता शकील अहमद ने बीबीसी से कहा, "इस तरह की घटना ग़लत संदेश देती हैं. ऐसी घटना से पार्टी को नुकसान होता है."
वहीं राजनीतिक विश्लेषक भी मानते हैं कि कांग्रेस नेतृत्व को 'अपनी सोच की दिशा बदलनी' होगी और उन्हें दूरगामी रणनीति बनानी होगी."
नई दिल्ली: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने नरेंद्र मोदी सरकार की तीन साल की उपलब्धियों को नगण्य बताते हुए कहा है कि बीते तीन सालों में केन्द्र सरकार ने कोई काम नहीं किया सिर्फ बड़ी-बड़ी बातें की हैं.
बसपा की ओर से जारी मायावती के बयान में मोदी सरकार पर तीन साल की उपलब्धियों को सरकारी विज्ञापनों के जरिये प्रचारित करने के लिए जनता का पैसा पानी की तरह बहाने का भी आरोप लगाया है.
राहुल गांधी शनिवार (27 मई) को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के लिए निकल गए। कांग्रेस पार्टी के उपाध्यक्ष राहुल गांधी को अथॉरिटी से इजाजत नहीं मिली है बावजूद इसके वह वहां जा रहे हैं।
नई दिल्ली: भाजपा के वरिष्ठ नेता शत्रुघ्न सिन्हा का सोशल मीडिया पर खुद की पार्टी के प्रति 'वार' और रजनीकांत के लिए उमड़ा 'प्यार' उन्हें राजनीति में लाने में कामयाब रहता है या नहीं यह तो समय ही बताएगा, लेकिन यह सच है कि उनका 'वार' बताता है कि बीजेपी से लगाव अब खत्म होने के कगार पर पहुंच चुका है.
अभिनेता और बिहार से बीजेपी के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने रजनीकांत को राजनीति में आने की सलाह दी है. शत्रुघ्न सिन्हा ने कई ट्वीट के जरिए कहा, रजनीकांत कोई भी राजनीतिक पार्टी ज्वाइन करें और लोगों को खुद से जुड़ने का मौका दें. उन्होंने रजनीकांत को तमिलनाडु का टाइटैनिक हीरो और भारत का लाल बताया और कहा, 'लोग आपके साथ हैं और सुपरस्टार रजनी के साथ जुड़ने को तैयार हैं, किसी और के साथ जुड़ने से बेहतर है कि लोग आपके साथ जुड़ें.
जुलाई में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्षी दल साझा उम्मीदवार उतारने की तैयारी जोर-शोर से कर रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी शुक्रवार (26 मई) को गैर-एनडीए दलों से लंच पर मुलाकात करने वाली हैं। लेकिन खबर है कि बिहार के सीएम और जदयू प्रमुख नीतीश कुमार इस लंच में नहीं शामिल होंगे। दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल को इसमें आमंत्रित ही नहीं किया गया है। वहीं तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस लंच के लिए दिल्ली पहुंच चुकी हैं।
नई दिल्ली: स्मृति ईरानी का डिग्री मामला दिल्ली हाईकोर्ट पहुंच गया है. हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट का रिकॉर्ड तलब किया है. इस मामले की सुनवाई 13 सितंबर को होगी. इससे पहले पटियाला हाउस कोर्ट ने 11 साल की देरी की वजह से याचिका को खारिज कर दिया था. 18 अक्तूबर 2016 को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने शैक्षणिक योग्यता के बारे में कथित तौर पर गलत सूचना देने को लेकर पूर्व केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी के खिलाफ दायर शिकायत को रद्द कर दिया था. ये स्मृति ईरानी के लिए बड़ी राहत थी क्योंकि उनकी शिक्षा को लेकर चुनाव आयोग को दिए गए हलफनामे पर कई बार सवाल उठाए गए थे.
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ सत्ता में आने के बाद लगातार अपनी पूर्ववर्ती सरकार के फैसलों को पलट रहे हैं. अब योगी सरकार पिछली अखिलेश सरकार की एक और योजना को खत्म करने जा रही है. योगी सरकार राज्य की सभी योजनाओं से अल्पसंख्यक कोटे को खत्म करने जा रही है.